कुलभुषण जाधव की रिहाई के लिए दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन।

16 अप्रैल 2017 को दिल्ली के जंतर मंतर पर युवा नेता अभिमन्यु कोहाड़ के नेतृत्व में कुलभुषण जाधव की रिहाई के लिए एक बड़ा प्रदर्शन किया गया जिसमें रिटायर्ड फौजी, महिलाएं, नौजवान शामिल हुए। अभिमन्यु कोहाड़ ने संबोधित करते हुए कहा कि कुलभुषण जाधव को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों ने ईरान-अफ़ग़ान के बॉर्डर से अगवा किया है और कुलभुषण जाधव का जासूसी से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने पाकिस्तान में ईरानी राजदूत “मेहदी होनार्दोस्ट” के उस बयान का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा है कि कुलभुषण जाधव के मुद्दे पर पाकिस्तान झूठ बोल रहा है। उन्होंने आगे कहा कि विएना संधि के 1963 एक्ट के आर्टिकल 36 के तहत अगर किसी देश का कोई भी नागरिक किसी दूसरे देश में पकड़ा भी जाता है तो उसे उस देश की एम्बेसी की कांउन्सलर मदद उपलब्ध कराई जानी चाहिए लेकिन यहाँ भारत ने 13 बार इस बात की अपील की है कि उसके अधिकारियों को कुलभुषण जाधव से मिलने दिया जाए लेकिन इसके बावजूद पाकिस्तान द्वारा भारतीय एम्बेसी के अधिकारियों को अब तक कुलभुषण जाधव जी से मिलने नहीं दिया गया है। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए रिटायर्ड जनरल सतबीर सिंह ने कहा कि भारत ने बड़ा दिल दिखाते हुए 1971 में पाकिस्तान के 93000 युद्धबंदियों को रिहा कर दिया था लेकिन यहाँ पर पाकिस्तान द्वारा भारत के एक निर्दोष नागरिक को झूठ बोल के फंसाया गया है। जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव अखिलेश कटिहार ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा सभी अन्तराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन किया जा रहा है। उन्होंने ये भी कहा कि चुनाव से पहले बड़े बड़े वादे करने वाले मोदी जी आज कुलभुषण जाधव की जान बचाने के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं जो की बड़ा शर्मनाक है। कारगिल से आए युवा नेता फिरोज रब्बानी ने कहा कि अगर कुलभुषण जाधव को पाकिस्तान के द्वारा फांसी दी जाती है तो यह पाकिस्तान द्वारा एक निर्दोष भारतीय नागरिक का मर्डर माना जायेगा और इसके गंभीर परिणाम पाकिस्तान को भुगतने पड़ेंगे। जेएनयू से डॉक्टरेट की उपाधि पाने वाले डॉ कुलदीप सिंह ने कहा कि भारतीय सरकार को हर हाल में कुलभुषण जाधव जी की रिहाई सुनिश्चित करानी चाहिए। प्रदर्शन के अंत में अभिमन्यु कोहाड़, डॉ कुलदीप सिंह, रिटायर्ड विंग कमांडर विनोद नैब और फिरोज रब्बानी द्वारा विदेशी मंत्री सुषमा स्वराज के नाम एक ज्ञापन भेजा गया जिसमें कुलभुषण जाधव की जल्द से जल्द रिहाई की मांग की गयी।

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